वॉशिंगटन : पिछले साल हर 13 में से एक व्यक्ति ने इंटरनेट
फर्जीवाड़े और आइडेंटिटी की चोरी से
अपना पैसा गंवाया। यह
दावा किया गया है एक हालिया रिपोर्ट में। हालांकि, आप कुछ दिशा-निर्देश अपनाकर अपना पासवर्ड और डाटा सुरक्षित रख सकते हैं। कभी भी यूजरनेम, लॉगइन या पासवर्ड बनाने के लिए व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल मत कीजिए। इसके बदले अपने पालतू जानवर और रिश्तेदारों के नाम, निकनेम और जन्मतिथि आदि से यूजरनेम, पासवर्ड बनाए जा सकते हैं।
आइडेंटिटी पासवर्ड या दूसरी चीजों की चोरी करने वाले ऐसे ब्योरे तक पहुंचने में अब पहले के मुकाबले आसानी महसूस करने लगे हैं। इसलिए, ऐसे यूजरनेम और पासवर्ड इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण हो सकता है जिसका आपके व्यक्तिगत इतिहास से कोई लेना-देना न हो। एक से ज्यादा वेबसाइट, कार्ड या खातों के लिए एक ही लॉगइन या पासवर्ड इस्तेमाल मत कीजिए। अगर चोर किसी एक पासवर्ड तक पहुंचने में कामयाब रहता है तो आपको होने वाला नुकसान काफी ज्यादा होगा क्योंकि एक ही लॉगइन और पासवर्ड का इस्तेमाल कर वह आपके ईमेल, बैंक खाते या दूसरी ट्रांजैक्शन तक आसानी से पहुंच बनाने में कामयाब रहेगा।
कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि यूजर की ओर से चुने जाने वाले पासवर्ड का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इसके अलावा छोटे पासवर्ड कमर्शियल स्तर पर उपलबध पासवर्ड रिकवरी टूल से ज्यादा आसानी से पता लगाए जा सकते हैं।
ऐसे सॉफ्टवेयर हर सेकंड 2,00,000 पासवर्ड जांचने की क्षमता रखते हैं। अपने पासवर्ड की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कोशिश कीजिए कि आप बड़े पासवर्ड बनाएं। न्यूनतम 8 कैरेक्टर का पासवर्ड तैयार करें और प्रयास होना चाहिए कि उसमें अपर और लोअर केस के लेटर, न्यूमरल और सिम्बल शामिल हों। ऐसे शब्द उपयोग में मत लीजिए हो अंग्रेजी के शब्दकोश में मिल जाएं।
अपने आप को हैकर की जगह रखकर देखिए। कभी भी अत्यधिक सरल पासवर्ड (जैसे 234567, 222222 या एबीसीडीईजीएफ) इस्तेमाल में न लाइए। पासवर्ड में शामिल अक्षर एक-दूसरे से दूर होंगे तो बेहतर रहेगा। इसके अलावा, एक से दिखने वाले अंक या सिम्बल से परहेज कीजिए। अपराधी और दूसरे हैकर आपका पासवर्ड तोड़ने के कई रास्ते जानते हैं और एक दिखने वाले अंकों, अक्षरों और सिम्बल को पहचानना उनके लिए ज्यादा मुश्किल नहीं है।
लेकिन इन्हें चतुराई के साथ इस्तेमाल कर हैकर से एक कदम आगे हुआ जा सकता है। स्पेलिंग गलत लिखने से आपको फायदा हो सकता है। बाजार में कई एप्लीकेशन उपलब्ध हैं जो आपके विभिन्न पासवर्ड को डिजिटल आधार पर सुरक्षित बना सकते हैं। बिल्ट इन ब्राउजर के इस्तेमाल से बचना बेहतर है क्योंकि यह सुरक्षा खामियों के दायरे में आसानी से आ जाते हैं।
फर्जीवाड़े और आइडेंटिटी की चोरी से
अपना पैसा गंवाया। यह
दावा किया गया है एक हालिया रिपोर्ट में। हालांकि, आप कुछ दिशा-निर्देश अपनाकर अपना पासवर्ड और डाटा सुरक्षित रख सकते हैं। कभी भी यूजरनेम, लॉगइन या पासवर्ड बनाने के लिए व्यक्तिगत जानकारी का इस्तेमाल मत कीजिए। इसके बदले अपने पालतू जानवर और रिश्तेदारों के नाम, निकनेम और जन्मतिथि आदि से यूजरनेम, पासवर्ड बनाए जा सकते हैं।
आइडेंटिटी पासवर्ड या दूसरी चीजों की चोरी करने वाले ऐसे ब्योरे तक पहुंचने में अब पहले के मुकाबले आसानी महसूस करने लगे हैं। इसलिए, ऐसे यूजरनेम और पासवर्ड इस्तेमाल करना महत्वपूर्ण हो सकता है जिसका आपके व्यक्तिगत इतिहास से कोई लेना-देना न हो। एक से ज्यादा वेबसाइट, कार्ड या खातों के लिए एक ही लॉगइन या पासवर्ड इस्तेमाल मत कीजिए। अगर चोर किसी एक पासवर्ड तक पहुंचने में कामयाब रहता है तो आपको होने वाला नुकसान काफी ज्यादा होगा क्योंकि एक ही लॉगइन और पासवर्ड का इस्तेमाल कर वह आपके ईमेल, बैंक खाते या दूसरी ट्रांजैक्शन तक आसानी से पहुंच बनाने में कामयाब रहेगा।
कई अध्ययनों में यह बात सामने आई है कि यूजर की ओर से चुने जाने वाले पासवर्ड का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। इसके अलावा छोटे पासवर्ड कमर्शियल स्तर पर उपलबध पासवर्ड रिकवरी टूल से ज्यादा आसानी से पता लगाए जा सकते हैं।
ऐसे सॉफ्टवेयर हर सेकंड 2,00,000 पासवर्ड जांचने की क्षमता रखते हैं। अपने पासवर्ड की सुरक्षा बढ़ाने के लिए कोशिश कीजिए कि आप बड़े पासवर्ड बनाएं। न्यूनतम 8 कैरेक्टर का पासवर्ड तैयार करें और प्रयास होना चाहिए कि उसमें अपर और लोअर केस के लेटर, न्यूमरल और सिम्बल शामिल हों। ऐसे शब्द उपयोग में मत लीजिए हो अंग्रेजी के शब्दकोश में मिल जाएं।
अपने आप को हैकर की जगह रखकर देखिए। कभी भी अत्यधिक सरल पासवर्ड (जैसे 234567, 222222 या एबीसीडीईजीएफ) इस्तेमाल में न लाइए। पासवर्ड में शामिल अक्षर एक-दूसरे से दूर होंगे तो बेहतर रहेगा। इसके अलावा, एक से दिखने वाले अंक या सिम्बल से परहेज कीजिए। अपराधी और दूसरे हैकर आपका पासवर्ड तोड़ने के कई रास्ते जानते हैं और एक दिखने वाले अंकों, अक्षरों और सिम्बल को पहचानना उनके लिए ज्यादा मुश्किल नहीं है।
लेकिन इन्हें चतुराई के साथ इस्तेमाल कर हैकर से एक कदम आगे हुआ जा सकता है। स्पेलिंग गलत लिखने से आपको फायदा हो सकता है। बाजार में कई एप्लीकेशन उपलब्ध हैं जो आपके विभिन्न पासवर्ड को डिजिटल आधार पर सुरक्षित बना सकते हैं। बिल्ट इन ब्राउजर के इस्तेमाल से बचना बेहतर है क्योंकि यह सुरक्षा खामियों के दायरे में आसानी से आ जाते हैं।
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