Monday, 26 September 2011

वायरस का जाल, कर दे मोबाइल बेकार

एक निजी कंपनी में काम करने वाली विनीता ने छः महीने पहले ही नया मोबाइल खरीदा था। अब इसे यूज करते समय वह हैंग हो रहा था। काफी देर तक हैंग होने की वजह से विनीता मोबाइल को ठीक से उपयोग भी नहीं कर पा रही थी। उसने मोबाइल की दुकान पर जाकर उसे दिखाया तो पता चला कि मोबाइल में वायरस की भरमार है।

सुरेंद्र के मल्टीमीडिया मोबाइल का पिछले कुछ दिनों से ऑटोमेटिकली स्विच ऑफ हो रहा था। इस वजह से वह काफी परेशान था, इसे देखते हुए विनय ने अपना मोबाइल बाजार में दिखाया तो पता चला कि मोबाइल में वायरस आ गया है। उसने तुरंत मोबाइल के वायरस को हटवाकर उसे स्केन कराया।


ND
इन दो केस से आप समझ गए होंगे कि हम किन वायरस की बात कर रहे हैं। आपने सही समझा हम यहां मोबाइल में आने वाले वायरस की बात ही कर रहे हैं। मल्टीमीडिया मोबाइल का उपयोग करते समय इससे कभी ना कभी हर किसी का सामना हो ही जाता है। यह वायरस आपके मोबाइल को क्षति तो पहुंचाता है ही, साथ ही कभी-कभी उसके डेड होने की संभावना भी बन जाती है। वायरस आने की संभावना किसी भी कंपनी के मोबाइल में बन सकती है।

ऐसे आता है वायरस
मल्टीमीडिया मोबाइल में जब गाने, फिल्म, एसएमएस आदि ब्ल्यू टूथ के माध्यम से लिए जाते हैं तो इनके साथ मोबाइल में वायरस प्रवेश कर जाता है। साथ ही जिस सेंटर से मोबाइल में गाने, फिल्म या एसएमएस लोड कराए जा रहे हों, यदि वहां कंप्यूटर में वायरस होगा तो भी मोबाइल में वायरस प्रवेश कर सकता है।

डेड हो सकता है मोबाइल
ज्यादातर मोबाइल में टोरजन हॉर्स, ऑटोरन, स्पायवियर जैसे वायरस आ जाते हैं। इन्हें कैस्पर स्काय, एफ सिक्योर एंटी वायरस से सही किया जाता है। मोबाइल में वायरस के प्रवेश करने से मोबाइल हैंग होने लगता है। साथ ही फाइल भी फॉल्ट हो जाती है और कभी-कभी मोबाइल डेड तक हो जाता है।

दुकानों पर हर दिन 40 ग्राहक
मोबाइल में वायरस आना एक आम समस्या बन चुकी है। प्रतिदिन वायरस से ग्रस्त लगभग 40 के करीब मोबाइल हमारे पास आते हैं। वायरस आने की स्थिति में मोबाइल का सॉफ्टवेयर करेप्ट हो सकता है तथा बैटरी का बैकअप भी कम हो जाता है।

ये रखें सावधानी
जब भी ब्ल्यू टूथ माध्यम से कोई फाइल लें तो सावधानी से लें।

यदि आपको लगता है कि मोबाइल में कोई वायरस आ गया है तो ब्ल्यू टूथ फंक्शन को बंद कर दें।

अनजान व्यक्ति के मेसेज को डिलीट कर दें।

ऑफिशियल वेबसाइट से ही रिंगटोन व गेम्स डाउनलोड करें।

ऐसे गाने, फिल्म और एसएमएस ले ही नहीं, जिनमें वायरस होने की संभावना नजर आती हो।

जिस मोबाइल सेंटर से कार्ड डाउनलोड कराएं, वहां देख लें कि सिस्टम में एंटी वायरस है या नहीं। यदि एंटी वायरस ना हो तो ऐसे सेंटर से कार्ड डाउनलोड ही ना कराएं।

No comments:

Post a Comment